Perspective

 🚩🚩 नजरिया 🚩🚩

Perspective

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A Great Writer was writing while sitting in his Writing Room.

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Last year I had an operation and my gallbladder was removed. Due to this Operation, I had to stay in bed for a very long time.

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This year I turned 60 and lost my favorite job. When I left that Publishing Company, it had been 30 years since I worked in that company.

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In the same year I also had to bear the grief of my Father's Death.

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And in the same year my Son failed the Medical Examination due to a car accident as he had to stay in the hospital for a long time. The damage caused by the wear and tear of the car was also there.

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In the end the author wrote... It was a very bad year.

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When the writer's wife came into the writing room, she found her husband looking very sad and lost in his own thoughts.

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Standing behind her husband's chair, she looked and read what he was writing.

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She quietly went out of the room and after a while came back with another piece of paper and placed it next to the one written by her husband.

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When the writer looked at the paper kept by his wife, he saw something written, he read it.

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Last year I finally got rid of that gall bladder, due to which I was suffering from pain for many years.

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In the same year, at the age of 60, I retired from the job of my publishing company in a healthy manner.

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Now I will be able to use my time to write better with full attention and calmness.

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This year my 95 year old father went to God without being dependent on anyone and without becoming seriously ill.

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This year God saved my son in an accident. The car broke down but my child's life was saved.

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He has got a new life and his hands and feet are also safe.

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In the end his wife wrote... God has been very kind to us this year, the Year was good.

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Friends, in human life, many situations come before every human being, what and how much will be the effect of those situations, it completely depends on our way of thinking.

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Things remain the same but a change of attitude changes the whole result.

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If you like this then don't forget to share. Maybe this effort of ours can change someone's life.

https://bit.ly/3zeLniF

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Life is full of Wounds

Learn to Heal with Time

To lose it in front of Death,

Learn to Live in the Present..





🚩🚩 नजरिया 🚩🚩

Perspective

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एक महान लेखक अपने लेखन कक्ष में बैठा हुआ लिख रहा था।

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पिछले साल मेरा आपरेशन हुआ और मेरा गालब्लाडर निकाल दिया गया। इस आपरेशन के कारण बहुत लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा।

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इसी साल मैं 60 वर्ष का हुआ और मेरी पसंदीदा नौकरी चली गयी। जब मैंने उस प्रकाशन संस्था को छोड़ा तब 30 साल हो गए थे मुझे उस कम्पनी में काम करते हुए।

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इसी साल मुझे अपने पिता की मृत्यु का दुःख भी झेलना पड़ा।

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और इसी साल मेरा बेटा कार एक्सिडेंट हो जाने के कारण मेडिकल की परीक्षा में फेल हो गया क्योंकि उसे बहुत दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ा। कार की टूट फूट का नुकसान अलग हुआ।

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अंत में लेखक ने लिखा... वह बहुत ही बुरा साल था।

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जब लेखक की पत्नी लेखन कक्ष में आई तो उसने देखा कि, उसका पति बहुत दुखी लग रहा है और अपने ही विचारों में खोया हुआ है। 

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अपने पति की कुर्सी के पीछे खड़े होकर उसने देखा और पढ़ा कि वो क्या लिख रहा था।

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वह चुपचाप कक्ष से बाहर गई और थोड़ी देर बाद एक दूसरे कागज़ के साथ वापस लौटी और वह कागज़ उसने अपने पति के लिखे हुए कागज़ के बगल में रख दिया।

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लेखक ने पत्नी के रखे कागज़ पर देखा तो उसे कुछ लिखा हुआ नजर आया, उसने पढ़ा।

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पिछले साल आखिर मुझे उस गालब्लाडर से छुटकारा मिल गया जिसके कारण मैं कई सालों से दर्द से परेशान था।

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इसी साल मैं 60 वर्ष का होकर स्वस्थ दुरस्त अपनी प्रकाशन कम्पनी की नौकरी से सेवानिवृत्त हुआ। 

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अब मैं पूरा ध्यान लगाकर शान्ति के साथ अपने समय का उपयोग और बढ़िया लिखने के लिए कर पाउँगा।

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इसी साल मेरे 95 वर्ष के पिता बगैर किसी पर आश्रित हुए और बिना गंभीर बीमार हुए परमात्मा के पास चले गए।

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इसी साल भगवान् ने एक्सिडेंट में मेरे बेटे की रक्षा की। कार टूट फूट गई लेकिन मेरे बच्चे की जिंदगी बच गई। 

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उसे नई जिंदगी तो मिली ही और हाँथ पाँव भी सही सलामत हैं।

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अंत में उसकी पत्नी ने लिखा था... इस साल भगवान की हम पर बहुत कृपा रही, साल अच्छा बीता।

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मित्रो मानव-जीवन में प्रत्येक मनुष्य के समक्ष अनेकों परिस्थितियां आती हैं, उन परिस्थितियों का प्रभाव क्या और कितना पड़ेगा, यह पूरी तरह हमारे सोचने के तरीके पर निर्भर करता है। 

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चीजें वही रहती हैं पर नजरिया बदलने से पूरा परिणाम बदल जाता है।

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आपको यह पसंद आये तो शेयर करना न भूले। शायद हमारा यह प्रयास किसी का जीवन बदल दे ।

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जिन्दगी जख्मो से भरी है, 

वक़्त को मरहम लगाना सीख लें,

हारना तो है मोत के सामने, 

फ़िलहाल जिन्दगी में जीना सीख ले..


Lessons from Business Leader

Leadership to Build Great Team and Winning Team https://bit.ly/3IsEmy


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