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Bearking : Covid19

संभलो क्योंकि ये समय विश्व युद्ध या परमाणु युद्ध से भी घातक है। इसकी लड़ाई हम सबने लड़नी है।

Coronavirus (COVID-19) events as they happen

Just watching the analysis on BBC News, it told that thousands of dead bodies were buried in China without asking their families, only the government knows, no bodies are coming to shoulder any bodies in Italy. When those humans were alive, they had become lonely and if they had died, they were unclaimed.
He wrote that if you want to stay alive then get serious otherwise it will be difficult to imagine the coming two weeks.
Half of the mockery of Kovid 19 created in India around the world is not being made fun of by people all over the world, because all the countries including China, Japan, France, Italy, Iran have seen their dead bodies before their eyes. Huh. They not only realized its danger but also paid it. In India, only three corpses have been exposed because we are currently running on the second stage of spreading the virus. It will be difficult to imagine the day it will reach the third stage. The countries in which it reached the third stage will be 100 times worse than India because people here spend time making fun of this virus instead of avoiding the outbreak.
A friend of mine tried to shake hands with me yesterday. When I folded my hands, they hugged the other person to make fun of me. Said, see how I feel? His style gave me a frightening view of the fantasy of the third stage of the corona virus in India. The reason is that the government abroad should belong to a party, but they follow every order of their government seriously and those who do not follow, they know how to follow the army there. In our country we take pleasure in breaking the rules for caste, religion, state, political party and sakhi. I know that the Government of India, the governments of all the states, the Health Department has understood this trend.

Schools, colleges, trains, malls, temples are all slowly closing down, but some demonic mentality people who do not want to take it seriously will also die themselves and endanger others. My humble request is to follow whatever the government is saying. Clean hands repeatedly, do not shake hands with anyone. Talk from a distance of one meter, do not eat food together, if there is any doubt, see a doctor. Otherwise, on the day the mother, father, wife, son, daughter or some other close friend of the joke makers got caught up in it, then all their jokes will be kept away and then at the time of elections they will curse the government that the government has not saved the life of our family. Or did not receive adequate treatment. The government is ahead of many countries in the matter of Ijaz, but the way the people of the country supported the governments there, in the same way, we should also follow the orders of our Central and State Governments, get serious or else two weeks to come. After that, you will get to see the scene, which you will not be able to imagine. I do not know whether you will be imaginable or not, but if you supported the government. Walk the right way. Focusing on ourselves and family, our doctors have complete treatment for it. 14 people have been repaired and sent home. Most of those who are admitted are improving in their health. I humbly request all of you to please take some care in the present to save the future.
Salute to the doctor-nursing staff
Today the pride of the entire country has become our physician and nursing staff. Having spent many hours and many days away from his home, putting his life in danger, he is busy saving the lives of the common people. He is Selute. Let us all console and trust the families of those physicians and nursing staff.
If alive, we will also have arms. They are not realizing this situation. I am not opposed to this culture, but I urge you not to live in the herd for a few days, even if you sit and stay away, stay in homes so that neither you can give the virus to anyone nor can you bring the virus to your house.
What if some day you don't do it
1. What if some days you will not be able to talk with friends, do it on the phone.
2. What if some day the market will not go?
3. What will happen if you do not protest for a few days to protest your demands, when everything is done then you will do it.
4. What will happen if you do not go somewhere to roam, then it will be gone when everything becomes normal.
5. What if you wash your hands 10 times a day.
6. What if you message people to make people aware instead of making fun of them.
7. What will happen if you forward the alert message to others and also follow it yourself.

8. What difference does the government have and what are they saying, keep it so much that they are doing it for your benefit…
Because death comes from seeing neither caste, no religion, no region, no age, no state, no locality and no gender and no appearance.
My humble appeal, it's time. Believe it. Instead of reading my post, you should follow as many words as you like.
Otherwise, for some people, there is a habit of arguing and arguing at the post of the writer, and if you want to do argument, then after four months, everything will become normal, just think of yourself, your family, friends and neighbors.
............. Thank you, if some words sound bad, I apologize with folded hands. 

अभी BBC News पर विश्लेषण देख रहा था, इसमें ये बताया गया कि चीन में हज़ारों शवों को, उनके परिवारों से पूछे बिना कहाँ दफनाया गया, ये केवल सरकार जानती हैं, इटली में किसी भी शव को कोई कंधा देने नहीं आ रहा। वे इंसान जब जिंदा थे तो अकेले हो गये थे और मरे तो लावारिस।चलो कोरोना ने इंसान का असली रूप दिखा दिया।
उन्होंने लिखा कि जिंदा रहना है तो सीरियस हो जाओ वरना आने वाले दो सप्ताह की कल्पना मुश्किल होगी
पूरी दुनियां में कोहराम मचाए कोविड 19 का जितना मजाक भारत में बन रहा उसका आधा मजाक भी पूरी दुनियां के लोग मिलकर नहीं बना पा  रहे हैं क्योंकि चीन, जापान, फ्रांस, इटली, ईरान समेत तमाम देशों ने अपनी आंखों के सामने अपनों की लाशें देखी हैं। उनको इसके खतरे का ना सिर्फ अंदाजा हुआ बल्कि उसे भुगता भी है। भारत में अभी सिर्फ तीन लाशें ही सामने आई हैं क्योंकि अभी हम वायरस फैलने के सैकंड स्टेज पर चल रहे हैं। कल्पना करना मुश्किल होगा जिस दिन ये तीसरी स्टेज पर पहुंचेगी। जिन देशोें में ये तीसरे चरण में पहुंचा उससे 100 गुना बुरी हालत भारत की होगी क्योंकि यहां के लोगों को इस वायरस के प्रकोप से बचने के बजाय उसकी मजाक बनाने में वक्त बीतता है। मेरे एक मित्र ने कल मुझसे हाथ मिलाने की कोशिश की। मैंने हाथ जोड़ दिए तो उन्होंने मेरा मजाक बनाने के लिए वे दूसरे व्यक्ति के गले मिल लिए। बोले, देखें मुझे कैसे होता है कोराेना ? उनके इस अंदाज ने मुझे भारत में कोरोना के वायरस के तीसरे स्टेज की कल्पना का भयावह दृश्य सामने ला दिया। वजह ये है कि विदेश में सरकार किसी पार्टी की हो लेकिन वो अपनी सरकार के प्रत्येक आदेश का गंभीरता से पालन करते हैं और जो पालन नहीं करते उनके साथ वहां की सेना पालन करवाना जानती है। हमारे देश में हम जाति, धर्म, राज्य, राजनीतिक पार्टी और सेखी बघारने के लिए नियमों को तोड़ने में आनंदित होते हैं। मैं जानता हूं कि भारत सरकार, सभी राज्यों की सरकारें, स्वास्थ्य महकमा इस अंदेशे को भांप चुकी हैं।
स्कूल, कॉलेज, ट्रेन, मॉल्, मंदिर सब धीरे-धीरे बंद हो रहे हैं लेकिन कुछ राक्षसी मानसिकता के लोग जो इसे गंभीरता से नहीं समझना चाहते वे खुद भी मरेंगे और दूसरों को खतरे में डालेंगे। मेरा विनम्र आग्रह है कि सरकार जो भी कह रही उसका पालन करें। हाथ साफ करें बार बार, किसी से हाथ ना मिलाएं। एक मीटर की दूरी से बात करें, साथ में खाना ना खाएं, कुछ अंदेशा हो तो चिकित्सक को दिखाएं। वरना जिस दिन मजाक बनाने वालों की मां, बाप, पत्नी, बेटा, बेटी या कोई और करीबी इसकी चपेट में आया उस दिन उनकी सारी मजाक धरी रह जाएगी और फिर चुनाव के वक्त् वे सरकार को कोसोंगे कि सरकार ने हमारे परिजन की जान नहीं बचाई या पर्याप्त उपचार नहीं मिला। सरकार अभी इजाज के मामले में कई देशों से आगे हैं लेकिन जिस तरह वहां की जनता से वहां की सरकारों का साथ दिया उस तरह हम भी अपनी केन्द्र और अपनी-अपनी राज्य सरकार के आदेशों का पालन करें, गंभीर हो जाएं वरना आने वाले दो सप्ताह बाद वो नजारा देखने को मिलेगा जिसकी कल्पना नहीं कर पाओगे। पता नहीं कल्पना करने लायक बचोगे भी या नहीं पर अगर सरकार का साथ दिया। सही तरीके से चले। खुद पर और परिवार पर ध्यान दिया तो हमारे डाक्टरों के पास इसक पूरा इलाज है। 14 लोग ठीक करके घर भेज दिए हैं। जो भर्ती है उनमें से ज्यादातर की तबियत में सुधार हो रहा है। मेरा आप सभी से विनम्र निवेदन है कि प्लीज भविष्य को बचाने के लिए वर्तमान में थोड़ी सावधानी बरतें। 
सलाम है डाक्टर-नर्सिंग स्टॉफ को
आज पूरे देश की शान हमारे चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ बन चुके हैं। खुद की जान खतरे में डाल कर कई घंटे और कई दिनों तक अपने घर से दूर रहकर आमजनों की जान बचाने में जुटे हैं। उनको सेल्यूट है। हम सब उन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के परिवारों को सांत्वना और भरोसा दें। 
जिंदा रहे तो हथाई भी होगी । वे इस स्थिति को नहीं भांप रहे। मैं इस कल्चर का विरोध नहीं कर रहा पर आग्रह है कि कुछ दिनों के लिए झुंड में न रहें, बैठें तो भी दूरी बनाकर, घरों में रहें ताकि ना आप किसी को वायरस दे सको और ना आप अपने घर में दूसरे से वायरस ला सके। 
क्या होगा अगर कुछ दिन ये नहीं करोगे तो 
1. क्या होगा अगर कुछ दिन दोस्तों के साथ बात नहीं कर पाओगे, फोन पर कर लीजिए।
2. क्या होगा अगर कुछ दिन बाजार नहीं जाओगे |
3. क्या होगा अगर अपनी मांगें मनवाने के लिए कुछ दिन धरना-प्रदर्शन विरोध नहीं करोगे जब सब ठीक हो जाए तब कर लेंगे।
4. क्या हो जाएगा अगर कहीं घूमने नहीं जाओगे तो जब सब सामान्य हो जाए तब चले  जाएंगे।
5. क्या होगा अगर दिन में 10 बार हाथ धो लेंगे। 
6. क्या होगा अगर मजाक उड़ाने की बजाय लोगों को जागरुक करने के लिए मैसेज  करेंगे।
7. क्या होगा जो जागरुक मैसेज दूसरों को फॉरवर्ड करते हो उसका खुद भी पालन कर लेंगे।
8. क्या फर्क पड़ता है कि सरकार किसकी है और वे क्या कह रहे हैं, मतलब इतना रखो वो आपके हित के लिए कर रहे हैं।..

क्योंकि मौत ना जाति, ना धर्म, ना क्षेत्र, ना उम्र, ना राज्य, ना इलाका और ना लिंग और ना सूरत देखकर आती है। 
इसलिए मेरी विनम्र अपील, अभी वक्त है। मान  जाइए। मेरी पोस्ट पढ़कर कुतर्क करने की बजाय जितने शब्द अच्छे लगे उसे  पालन कर लीजिए। 
वरना कुछ लोगों के लिए लिखने वाले की पोस्ट पर कुर्तक और तर्क करने की आदत होती है और तर्क-कुर्तक भी करना है तो कर लेंगे चार महीने बाद सब सामान्य हो जाएगा अभी अपनी, अपने परिवार, मित्रों पड़ोसियों के हित में सोचें।
.............धन्यवाद, कुछ शब्द बुरे लगें तो हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।  🙏