Do Not Trust On Social Media Messages about cure for CoronaVirus

डॉ अमीर खान और डॉ विजय गोयल की सोशल मीडिया, फॉरवर्डेड मैसेज, मेडिकल टूरिज्म, सलाह को न पढ़ें






Do Not Trust On 
Social Media Messages about cure for CoronaVirus 

Don't you read the Social Media, forwarded messages,  Medical Tourism, advice by Dr. Amir Khan and Dr. Vijay Goel .. Huh..

All these service minded actors are busy preventing corona virus while money minded mbbs doctors are risking their worthless life by acting in movies and tv shows along with corona affected virus.


This is called as karma.. It should hit indians badly for abusing, assaulting their doctors under the name of god, humanity and unaffordables.
Is India's health system superior to other countries as all infected with coronavirus has been cured in India?

For last many years, India has been witnessing attacks of swine flu, influenza and Nipaah. So Indian health system is ready to treat and isolate such patients. Till so far, Indian airports are successful to check such patients.

2nd point is that millions of Chinese flocked to other countries after the outbreak of Coronavirus on New Year Eve. India and China were not at good terms and India also see the Chinese influx with suspicion, so we are safe from Coronavirus.


India is wrongly infamous for pollution, improper sanitation and overcrowded hospitals. So not so many tourists come to India.





करना है तो करो नमस्ते 
             शेक हैंड मत "करो-ना"

खाना में शाकाहार करो ,
               मांसाहार मत  "करो-ना"

रोज करो तुलसी का सेवन;
                धूम्रपान मत  "करो-ना"

नीम गिलोय का घूंट भरो 
             मदिरा पान मत  "करो-ना"

देशी भोजन रोज करो
             फ़ास्ट फ़ूड मत "करो-ना"

हाथ साफ दस बार करो 
             कहीं गंदगी मत "करो-ना"

अग्नि संस्कार करो शव का

             लाश दफन मत "करो-ना"




भरोसा नहीं है
कोरोनावायरस के इलाज के बारे में सोशल मीडिया संदेश पर 
https://bit.ly/2VJBhoj

डॉ। अमीर खान और डॉ। विजय गोयल की सोशल मीडिया, फॉरवर्डेड मैसेज, मेडिकल टूरिज्म, सलाह को न पढ़ें

ये सभी सेवा दिमाग वाले कलाकार कोरोना वायरस को रोकने में व्यस्त हैं जबकि मनी माइंडेड एमबीबीएस डॉक्टर कोरोना प्रभावित वायरस के साथ फिल्मों और टीवी शो में अभिनय करके अपने बेकार जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं।

इसे कर्म के रूप में कहा जाता है .. यह भगवान, मानवता और अप्रभावी के नाम पर अपने डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए भारतीयों को बुरी तरह से मारना चाहिए।

क्या भारत की स्वास्थ्य प्रणाली अन्य देशों से बेहतर है क्योंकि भारत में सभी कोरोनोवायरस से संक्रमित हैं?

पिछले कई वर्षों से, भारत में स्वाइन फ्लू, इन्फ्लूएंजा और निपाह के हमले देखे जा रहे हैं। इसलिए भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली ऐसे रोगियों के इलाज और उन्हें अलग करने के लिए तैयार है। अब तक, भारतीय हवाई अड्डे ऐसे रोगियों की जांच करने में सफल रहे हैं।

दूसरा बिंदु यह है कि नए साल की पूर्व संध्या पर कोरोनवायरस के फैलने के बाद लाखों चीनी दूसरे देशों में चले गए। भारत और चीन अच्छी शर्तों पर नहीं थे और भारत भी चीनी आमद को संदेह की नजर से देखता है, इसलिए हम कोरोनोवायरस से सुरक्षित हैं।

प्रदूषण, अनुचित स्वच्छता और भीड़भाड़ वाले अस्पतालों के लिए भारत गलत तरीके से बदनाम है। इतने सारे पर्यटक भारत नहीं आते हैं।


https://bit.ly/2VJBhoj






(प्रकृति की शक्ति और लाचार मानव)

एक करोना वायरस के आगे 150 करोड़ की आबादी वाला चीन अपने ही घर में बंदी बन गया है,सारे रास्ते वीरान हो गए हैं,चीन के राष्ट्रपति तक भूमिगत हो गए हैं।

एक सूक्ष्म सा जंतु और दुनियाँ  को आँखे दिखाने वाला चीन एकदम शांत,भयभीत।

केवल चीन ही क्यों?

सारे विश्व को एक पल में शांत करने की ताकत प्रकृति में है!

हम जातपात,धर्म भेद,वर्ण भेद,प्रांत वाद के अहंकार से भरे हुए हैं।

यह गर्व,यह घमंड करोना ने मात्र एक झटके में उतार दिया,बिना किसी भी प्रकार का भेद रखे सारे चीन को बंदिस्त करके रख दिया है,नौबत यहां तक आ गई है कि,चीन का राष्ट्रपति  भूमिगत रहते हुए ही अपने ही बीस हजार लोगों को मौत के घाट उतार देने की भाषा बोलने लगा।

इस संसार का कोई भी जीव इस प्रकृति के आगे बेबस है,लाचार है🦜

प्रकृति ने शायद
यही संदेश दिया है;
प्यार से रहो,जियो और जीने दो!

अन्यथा सुनामी है,करोना है,रीना है,टीना है;लेकिन इसके बावजूद अगर,
   जीना है तो प्यार से🙏🏻


इंसान को कभी भी अपने वक़्त पर घमंड नहीं करना चाहिए,क्योंकि वक़्त तो उन नोटों का भी नहीं हुआ,जो कभी पूरा बाजार खरीदने की ताकत रखते थे!   

ज़िन्दगी है साहब,
छोड़कर चली जाएगी;
मेज़ पर होगी तस्वीर,

कुर्सी खाली रह जाएगी।"



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