The man was Arvind Kejriwal

👉🏼 एक आम आदमी, जो अच्छी खासी सरकारी नौकरी कर रहा था। सरकारी महकमे में बड़े पद पर था। ज़िन्दगी में कोई तकलीफ नहीं थी। लेकिन दूसरों की तकलीफ देख नहीं पा रहा था।

A common man, who was doing a good government job. Was in a big position in government affairs. There was no problem in life. But could not see the suffering of others.



👉🏼 He used to suffer .. When he saw that small poor children around him could not read properly due to financial constraints.

👉🏼 He used to suffer .. When he saw that even after paying so much tax to the common people, even clean drinking water was not available.

👉🏼 He used to suffer .. When he used to hear about the incidents happening with women in the country.

👉🏼 He used to suffer .. When he used to see poor people getting harassed for treatment in hospital.

👉🏼 The man was Arvind Kejriwal .. who decided to clean it by jumping into this morass of politics to get rid of this problem. Worked hard ... and without doing politics of religion, he won the election without feeding anyone. Worked fiercely for 5 years. Changed the city map. Changed people's lives ... and became people's hero. A real life hero who was very common even after being special and very special despite being common.

👉🏼 But for a common man to become a hero like this ... Where does the ruling people delight. They began to fear its goodness. Been afraid of its hard work. They were frightened that if the public got used to this honesty, what would happen to them !!! ... because if this happens, not only in Delhi ... but in the whole country, this wave of honesty will arise which will be impossible to stop.

👉🏼 Friends, this is happening today in Delhi elections. The BJP is so nervous with Kejriwal's honesty and truth that to reduce it, more than 200 of its MPs are roaming the streets of Delhi to defy Kejriwal and his development. Some were finding the fault of the hospitals and some were looking for the fault of the schools. Even they do not miss making fun of the education that the children of Delhi are getting. Children are breaking the morale by doing little politics.

👉🏼 I laugh a lot at the fact that the entire BJP is using the power of force, religion and money to defeat one Kejriwal who never did politics of religion or notes to win elections. . She is putting all her life. He is afraid that there will be no movement on seeing these elections.


 There were five Pandavas in Kurukshetra but Kejriwal stands alone here .. and hoping that you will support him in this crusade of honesty and truth.


👉🏼 उसे तकलीफ होती थी.. जब वो देखता था कि उसके आसपास छोटे-छोटे गरीब बच्चे पैसों की तंगी के कारण ठीक से पढ़ नहीं पा रहे।

👉🏼 उसे तकलीफ होती थी.. जब वो देखता था कि आम लोगों को इतना टैक्स देने के बाद भी पीने का साफ पानी तक नहीं मिल रहा।

👉🏼 उसे तकलीफ होती थी.. जब वो देश में महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं के बारे में सुनता था।

👉🏼 उसे तकलीफ होती थी.. जब वो गरीबों को अस्पताल में इलाज के लिए परेशान होता देखता था।

👉🏼 वो आदमी अरविंद केजरीवाल था.. जिसने इस तकलीफ से छुटकारा पाने के लिए राजनीति के इस दलदल में कूदकर इसे साफ करने की ठानी। खूब मेहनत की... और बिना धर्म की राजनीति किए, बिना किसी को पैसे खिलाए वो चुनाव जीत गया। 5 सालों तक जमकर काम किया। शहर का नक्शा बदल दिया। लोगों की ज़िंदगी बदल दी... और देखते देखते लोगों का हीरो बन गया। एक ऐसा रियल लाइफ हीरो जो खास होकर भी बेहद आम था और आम होकर भी बेहद खास।

👉🏼 लेकिन किसी आम आदमी का यूं हीरो बन जाना.. सत्ताधारियों को कहां सुहाता है। वे इसकी अच्छाई से डरने लगे। इसकी मेहनत से घबराने लगे। वे खौफजदा हो गए कि कहीं जनता को इस ईमानदारी की आदत लग गई तो उनका क्या होगा!!! ... क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो न सिर्फ दिल्ली में .. बल्कि पूरे देश में इस ईमानदारी की लहर उठेगी जिसे रोक पाना नामुमकिन होगा।




👉🏼 दोस्तों, दिल्ली के चुनाव में आज यही हो रहा है। केजरीवाल की ईमानदारी और सच्चाई से भाजपा इतनी घबरा गई है कि उसे कम करने के लिए आज उसके 200 से ज्यादा सांसद दिल्ली की गलियों में घूमकर केजरीवाल और उसके विकासकार्यों को झुठलाने में लगे हैं। कोई अस्पतालों की गलती निकाल रहा तो कोई स्कूलों की गलती तलाश रहा। यहां तक कि वे दिल्ली के बच्चों को मिल रही शिक्षा का मजाक उड़ाने से भी नहीं चूक रहे। ओछी राजनीति कर बच्चों का मनोबल तोड़ रहे हैं।




👉🏼 मुझे इस बात पर बहुत हंसी आती है कि जिस केजरीवाल ने चुनाव जीतने के लिए कभी धर्म या नोटों की राजनीति नहीं की, उस एक केजरीवाल को हराने के लिए आज पूरी भाजपा दल-बल, धर्म और पैसे का जीतोड़ इस्तेमाल कर रही है। पूरी जान लगा रही है। उसे डर है कि ये चुनाव देखते ही देखते कहीं आंदोलन न बन जाए।

👉🏼 कुरुक्षेत्र में तो पांडव पांच थे लेकिन यहां केजरीवाल अकेला खड़ा है.. और उम्मीद कर रहा है कि ईमानदारी और सच्चाई के इस धर्मयुद्ध में आप उसका साथ देंगे।
आपसे हाथ जोड़कर विनती है पूरे भारतवर्ष में इसको फैला दो
https://bit.ly/2GCpxuZ

And tell your friends, family members and children about this  


#भाजपा ने #DelhiElections2020 के लिए अपने सभी स्टार केम्पेनर

-पाकिस्तान
-आतंकवाद
-नक्सली

सहित 50 केंद्रीय मंत्री,200 सांसद,6 मुख्यमंत्री,6 राज्यो के मंत्री,300 से अधिक विधायक सहित पूरी भाजपा को उतार दिया

लेकिन #Delhi #मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नही उतार पाए


@ArvindKejriwal

आपसे हाथ जोड़कर विनती है पूरे भारतवर्ष में इसको फैला दो


https://bit.ly/2TYtO3G

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