See Change

परिवर्तन देखिये 

See Change

1. In earlier weddings, the women of the household used to cook and come from outside to dance. Now the cooks come from outside and the women of the house dance.

2- First people used to deploy a man at the door of the house so that no dog would enter the house. Nowadays dogs are deployed at the door of the house so that no man enters the house.

3- Earlier the man used to eat food in the house and the latrine used to go outside the house. Now he eats food and does latrine in the house.

4- Earlier the man rode a bicycle and was considered poor. Now the man goes to Zim by car for cycling.
     

All four are important changes!

Wow, man is your nature ....
... Taking a hand on the corpse, taking a bath ...
But the unruly eats the creature.

This temple-mosque is also a wonderful place, friends.
Where the poor are outside and the rich begs 'inside' ..
 The harsh truth of the bizarre world ..

          The bride is behind the procession
            And the world moves forward,
         Janaj further in Mayyat
           And the world goes backward ..

           That means the world is ahead in happiness
          And follow in sorrow ..!

Ajab Teri Duniya
Amazing your game

Memorize the dead by burning candles
And celebrating birthday by extinguishing candles…
Wah re duniya !!!!!
✴ line is small, but mean is too big ~

Life is like a pain ...

And people kept praising the picture ..
4
✴ Payal comes in thousands of rupees, but worn in paro

And.....

Bindi comes for Rs. 1 but is decorated on the forehead.

Therefore the price does not matter, its act matters.
4
गी Geeta and Quran in a bookstore never fight among themselves,

And

Those who fight for them never read them both….
4
 Like salt, one who gives bitter knowledge is a true friend.

Mithi talkers are also chalupas.

History is witness that till date there were no insects in salt.

And in the sweets, insects often get infested…
4
No one goes on the good path but everyone goes on the bad path ……

That is why the seller of liquor does not go anywhere,

But the milk seller at home
One has to go street-street, corner-corner.
4

✴ The milkman is asked repeatedly that he did not pour water?

But in liquor, we drink water mixed with hands.

Very beautiful line:

Human understanding is just this,
That he is offended when he calls it "animal"
And when you say "Lion", you become happy.
While the Lion is also the name of the Animal!

* Do not confine yourself to shares.
https://www.anxietyattak.com/2019/09/see-change.html





परिवर्तन देखिये

1. पहले शादियों में घर की औरतें खाना बनाती थीं और नाचने वाली बाहर से आती थीं। अब खाना बनाने वाले बाहर से आते हैं और घर की औरतें नाचती हैं।

2- पहले लोग घर के दरवाजे पर एक आदमी तैनात करते थे ताकि कोई कुत्ता घर में न घुस जाये। आजकल घर के दरवाजे पर कुत्ता तैनात करते हैं ताकि कोई आदमी घर में न घुस जाए।

3- पहले आदमी खाना घर में खाता था और लैट्रीन घर के बाहर करने जाता था। अब खाना बाहर खाता है और लैट्रीन घर में करता है।

4- पहले आदमी साइकिल चलाता था और गरीब समझा जाता था। अब आदमी कार से ज़िम जाता है साइकिल चलाने के लिए।
     

चारों महत्वपुर्ण बदलाव हैं !

वाह रे मानव तेरा स्वभाव....
।। लाश को हाथ लगाता है तो नहाता है ...
पर बेजुबान जीव को मार के खाता है ।।

यह मंदिर-मस्ज़िद भी क्या गजब की जगह है दोस्तो.
जंहा गरीब बाहर और अमीर अंदर 'भीख' मांगता है..
 विचित्र दुनिया का कठोर सत्य..

          बारात मे दुल्हे सबसे पीछे
            और दुनिया  आगे चलती है,
         मय्यत मे जनाजा आगे
           और दुनिया पीछे चलती है..

           यानि दुनिया खुशी मे आगे
          और दुख मे पीछे हो जाती है..!

अजब तेरी दुनिया
गज़ब तेरा खेल

मोमबत्ती जलाकर मुर्दों को याद करना
और मोमबत्ती बुझाकर जन्मदिन मनाना...
Wah re duniya !!!!!
✴ लाइन छोटी है,पर मतलब बहुत बड़ा है ~

उम्र भर उठाया बोझ उस कील ने ...

और लोग तारीफ़ तस्वीर की करते रहे ..
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✴  पायल हज़ारो रूपये में आती है, पर पैरो में पहनी जाती है

और.....

बिंदी 1 रूपये में आती है मगर माथे पर सजाई जाती है

इसलिए कीमत मायने नहीं रखती उसका कृत्य मायने रखता हैं.
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✴  एक किताबघर में पड़ी गीता और कुरान आपस में कभी नहीं लड़ते,

और

जो उनके लिए लड़ते हैं वो कभी उन दोनों को नहीं पढ़ते....
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✴  नमक की तरह कड़वा ज्ञान देने वाला ही सच्चा मित्र होता है,

मिठी बात करने वाले तो चापलुस भी होते है।

इतिहास गवाह है की आज तक कभी नमक में कीड़े नहीं पड़े।

और मिठाई में तो अक़्सर कीड़े पड़ जाया करते है...
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✴  अच्छे मार्ग पर कोई व्यक्ति नही जाता पर बुरे मार्ग पर सभी जाते है......

इसीलिये दारू बेचने वाला कहीं नही जाता ,

पर दूध बेचने वाले को घर-घर
गली -गली , कोने- कोने जाना पड़ता है ।
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✴  दूध वाले से बार -बार पूछा जाता है कि पानी तो नहीं डाला ?

पर दारू मे खुद हाथो से पानी मिला-मिला कर पीते है ।

बहुत खूबसूरत पंक्ती:
इंसान की समझ सिर्फ इतनी हैं,
कि उसे "जानवर" कहो तो नाराज हो जाता हैं
और "शेर" कहो तो खुश हो जाता हैं।
जबकि शेर भी जानवर का ही नाम है!

*सिर्फ अपने तक ही सीमित न रखे शेयर ज़रूर करें।
https://www.anxietyattak.com/2019/09/see-change.html


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