RTO Office

मैंने गाड़ी खरीदी, RTO आफिस में रजिस्ट्रेशन कराया, यह सरकार के रिकॉर्ड में है।

मैंने ड्राइविंग लाइसेंस लिया, यह भी सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज है।

मैंने कब कब POLLUTION UNDER CONTROL CERTIFICATE लिया, यह भी सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज है।

मैंने अपनी गाड़ी का इन्श्योरेन्स रिन्यू कब कब कराया, यह भी सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज है क्योंकि इन्श्योरेन्स का एक हिस्सा सरकार के खाते में जमा होता है।

मेरे द्वारा दिए गए टैक्स के पैसे से सरकार के हर कार्यालय में ढेरों कम्प्यूटरों का अम्बार लगा हुआ है, खूब ढोल भी पीटा जा रहा है कि पूरा इंडिया डिजिटल हो गया है.!

तो सरकार जब सारी जानकारी आपके रिकॉर्ड में दर्ज है तो फिर आप मेरी गाड़ी का नम्बर कम्प्यूटर या मोबाइल के एप्लिकेशन में ENTER करके अपने आफिस में बैठे बैठे ही पता कर सकते हैं कि मेरा लाइसेंस EXPIRE तो नहीं हो गया है, इन्श्योरेन्स ड्यू तो नहीं हो गया है, POLLUTION LEVEL कब चेक कराया आदि आदि....

सड़क पर केवल इतना देखा जाना चाहिए कि मैं यातायात के नियमों का पालन कर रहा हूँ या नहीं, कागजी कार्रवाई के लिए हर चौक चौराहे पर नागरिकों को परेशान करने की कोई जरूरत नहीं होगी अगर सरकारी अमला अपने कार्य में दक्ष हो...

सारी समस्या की जड़ ही यही है कि डिजिटल इंडिया चुनाव जीतने का हथकंडा भर है, सरकारी विभागों के कम्प्यूटर हाथी के दांत की तरह बस दिखावे भर के लिए हैं।

           आप सभी से अनुरोध है कि इसे अधिक से अधिक प्रचारित करें जिससे जनता मैं जागरूकता आये कि आखिरकार इस कथित राष्ट्रवादी सरकार की मंशा क्या है

और इस तरह जनता का शोषण कब तक चलेगा ?



I bought the car, got it registered at the RTO office, it is in the government records.

I took a driving license, which is also recorded in the government records.

When I took the POLLUTION UNDER CONTROL CERTIFICATE is also recorded in the government records.

When I got the insurance renewal of my car, it is also recorded in the government records because a part of the insurance is deposited in the government account.

With the tax money given by me, there is a lot of computers in every office of the government, there is also a lot of beating that the whole India has gone digital.

So when the government has all the information in your records, then you can enter the number of my car in the computer or mobile application and enter it in your office and know that my license has not been expired, insurance is not due. GOT, POLLUTION LEVEL WHEN CHECKED ETC ETC ....

The only thing to be seen on the road is whether I am following the traffic rules or not, there will be no need to disturb the citizens at every square intersection for paperwork if the government staff is efficient in its work ...

The root cause of the whole problem is that Digital India is just a juggle to win elections, computers of government departments are just like ivory.

           All of you are requested to publicize it as much as possible so that the public is aware that what is the intention of this so-called nationalist government and how long will the exploitation of the people last?

https://www.anxietyattak.com/2019/09/rto-office.html

           आप सभी से अनुरोध है कि इसे अधिक से अधिक प्रचारित करें जिससे जनता मैं जागरूकता आये कि आखिरकार इस कथित राष्ट्रवादी सरकार की मंशा क्या है
और इस तरह जनता का शोषण कब तक चलेगा ?

एक राजा का एक प्रिय हाथी बीमार हो गया। 
उसके बचने की अब कोई आशा नहीं थी ।
एक दिन राजा ने घोषणा की जो भी मेरे प्रिय हाथी की मरने की सूचना मुझे देगा मै उसे मृत्युदंड दूंगा। 

एक दिन अचानक से हाथी मर गया ।

अब राजा को कौन हाथी के मरने की सूचना दे। तब हाथी की देख भाल करने वाले महावत ने दरबार मे जाकर राजा से कहा की महाराज आज सुबह से आपका प्रिय हाथी न उठ रहा है न पानी पी रहा है न कुछ खा रहा हैन ही  सांस ले रहा है।

तब राजा ने उससे कहा की क्या मेरा हाथी मर गया ।

तब महावत ने कहा की महाराज ये तो आप ही कह सकते हैं । 

यही हाल भारतीय अर्थ व्यवस्था का है।

मोदी के सारे मन्त्री अपने अपने ढंग से हाथी के मरने की सूचना दे रहे है ।

हाथी मर गया ये कोई नहीं कह रहा है

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