Accused of scam of four lakh crore rupees on Modi government, Supreme Court issues notice, media digests news

मोदी सरकार पर चार लाख करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस, खबर को हजम कर गई मीडिया
मोदी सरकार पर चार लाख करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस, खबर को हजम कर गई मीडिया
https://www.anxietyattak.com/2019/09/accused-of-scam-of-four-lakh-crore.html

Accused of scam of four lakh crore rupees on Modi government, Supreme Court issues notice, media digests news

Accused of scam of four lakh crore rupees on Modi government, Supreme Court issues notice, media digests news

Those people who came out today said that there was no scam in the Modi Government …… .. a scam of 4 lakh crore rupees has come to light. Yes, 'entire 4 lakh crore scam' but the media sold has completely digested this news ……. This matter has now reached the threshold of the Supreme Court… ..



A petition filed in the Supreme Court has said that the Modi government has extended the lease extension of 358 cast iron mines across the country without valuing them. This has caused a loss of Rs 4 lakh crore to the government.



If the same BJP talks about the loss of 2.76 lakh crore rupees in the 2G spectrum scam in the UPA government, then it is also a similar scam ………. The biggest thing is that this is the same lawyer who was the one who first exposed the Coal Gate scam, this petition has been filed by the same lawyer LM Sharma ………



ML Sharma is the same lawyer who caused trouble for the UPA government by fighting the coal scam case in the Supreme Court. On the basis of the CAG report, he had demanded the cancellation of the coal block allocation. After which the allocation of many blocks was canceled. …………. ML Sharma is also the first lawyer to take the Rafale case to the threshold of Supreme Court. ML Sharma had also taken the Panama Papers leak case to the Supreme Court. On which the Supreme Court had sought answers from the Central Government, CBI and RBI ………… and there are many such cases ……….



Today, this lawyer is telling the court in his petition that the Modi government has committed corruption by taking a decision to extend the lease of mining mines of cast iron and minerals across the country.



The petitioner alleges that before taking the decision to extend the mining lease period of 358 mines, the Modi government neither gave them a valuation as per the present time nor did they process their auction …………. The Modi government issued an order, which already had a mining lease, gave it the mining lease of the same mine again ………. In this way, the government suffered a huge loss of about 4 lakh crores rupees earned from people's tax ……….







The petitioner says that the Modi government, by bringing in the amended Mines and Minerals Act in the year 2015, obliged the state governments to extend the lease period of the mines of 288 cast iron mineral blocks ………… The petitioner alleges that such a center The government did this because in lieu of this, his party was given a huge amount of money ………



According to the petitioner, under pressure of the central government, Goa extended the lease period to 160, Karnataka 45 and Orissa 31 mines. Most of these mines are controlled by Vedanta Group and Tata Group. Both these groups have been giving huge donations to the ruling party ………



Taking cognizance of the matter, a bench of Supreme Court Justice SA Bobde has issued notice to the Modi government at the Center and asked why not cancel all these mining leases? …… Court has also issued notice to Orissa, Jharkhand, Karnataka and CBI …………



It is also a matter of regret that despite all such clear corruption cases, all the opposition parties including the Congress are holding silence …………



इस वीडीओ को पूरे हिन्दूसतान और दुनिया के  कोने कोने तक किसी भी जरीये से पहुचाने मे अपना हक अदा करें।।  मैंने कर दिया। और आप सोच भी नही सकते जी के आप कितना बड़ा काम कर रहे हो।
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http://bit.ly/2mhuBht


गिरीश मालवीय – वो लोग आज जरा सामने आए जो कहते है कि मोदी सरकार में कोई घोटाला नहीं हुआ …….. 4 लाख करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है . जी हां ‘पूरे 4 लाख करोड़ का घोटाला’ लेकिन बिका हुआ मीडिया इस खबर को पूरी तरह से हजम कर गया है……. यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पुहंचा है…..

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका में कहा गया है कि मोदी सरकार ने देशभर में कच्चे लोहे की 358 खदानों की लीज का एक्सटेंशन बिना वैल्यूएशन किए कर दिया है। इससे सरकार को 4 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

यदि यही भाजपा बात बात में यूपीए की सरकार में 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 2.76 लाख करोड़ रुपए के नुकसान को घोटाला कहती है तो यह भी उसी तरह का घोटाला है………. सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह बात वही वकील कह रहा है जो सबसे पहले कोल गेट घोटाले को सामने लाया था यह याचिका उसी वकील एलएम शर्मा ने दाखिल की है………

एमएल शर्मा वही वकील हैं, जिन्होंने कोयला घोटाले का केस सुप्रीम कोर्ट में लड़कर यूपीए सरकार के लिए मुसीबत पैदा कर दी थी. कैग रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने ही कोयला ब्लॉक आवंटन रद्द करने की मांग की थी. जिसके बाद कई ब्लॉकों का आवंटन रद्द हुआ था. ………….राफेल का मामला सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पहुंचाने वाले पहले वकील भी एमएल शर्मा ही है पनामा पेपर्स लीक का मामला भी एमएल शर्मा ही सुप्रीम कोर्ट में ले गए थे. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सीबीआई और आरबीआई से जवाब मांगा था…………ओर भी ऐसे बहुत से केस है……….

आज यह वकील अपनी याचिका में कोर्ट को बता रहा है कि देशभर में कच्चे लोहे व खनिज की माइनिंग खदानों की लीज का एक्सटेंशन करने का फैसला लेकर मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार किया है।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि 358 खदानों की माइनिंग लीज की अवधि को बढ़ाने का फैसला लेने से पहले मोदी सरकार ने न तो उनका वर्तमान समय के अनुसार वैल्यूएशन कराया और न ही उनकी नीलामी की प्रक्रिया की…………. मोदी सरकार ने एक आदेश जारी कर जिसके पास पहले से माइनिंग लीज थी, उसे दोबारा वही खदान की माइनिंग लीज दे दी………. इस तरह से लोगों के टैक्स से अर्जित करीब 4 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान सरकार को हुआ……….



याचिकाकर्ता का कहना है कि मोदी सरकार ने वर्ष 2015 में संशोधित माइन्स एंड मिनरल्स एक्ट लाकर राज्य सरकारों को बाध्य किया कि वह 288 कच्चे लोहे के मिनरल ब्लॉक्स की खदानों की लीज की अवधि को बढ़ा दें………… याचिकाकर्ता का आरोप है कि ऐसा केंद्र सरकार ने इसलिए किया क्योंकि इसकी एवज में उनकी पार्टी को भारी रकम चंदे के रूप में दी गई थी………

याचिकाकर्ता के अनुसार केंद्र की सरकार के दबाव में गोआ ने 160, कर्नाटक ने 45 और उड़ीसा ने 31 खदानों की लीज की अवधि को बढ़ा दिया। इनमें से ज्यादातर खदानों पर वेदांता ग्रुप और टाटा ग्रुप का नियंत्रण है। ये दोनों ही ग्रुप सत्तारूढ़ दल को भारी चंदा देते रहे हैं………

इस मामले का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एसए बोबड़े की बेंच ने केंद्र की मोदीं सरकार को नोटिस जारी किया हैं और पूछा है कि इन सारी माइनिंग लीज को क्यों न रद्द किया जाए? ……कोर्ट ने उड़ीसा, झारखंड, कर्नाटक और सीबीआई को नोटिस भी जारी किया है…………

अफसोस की बात तो यह भी है कि इतना स्पष्ट भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बावजूद कांग्रेस समेत सारी विपक्षी पार्टियां मौन धारण किये हुए हैं…………


 https://thebulletinindia.com/in-modi-government-4-lakh-crore-iran-mine-scam-bjp-congress-supreme-court-pm-modi/?fbclid=IwAR2FhivJCNiw1JJBnF1A3Jc6LSukEJ9B0RBTFbYN00QD7RAlSQbP7SerYK4


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