Today everybody recalls the meltdown recession

आज हर आदमी मंदी मंदी मंदी...और गरीबी गरीबी गरीबी का रोना रो रहा है...जबकि मंदी कहीं पर भी नजर नही आरही है ....!!*
असली बात कोई और ही है...जिसको कोई उजागर नही कर रहा है...सभी इसे स्टेटस सिंबल मान कर चल रहें हैं...और वास्तविकता को पूरी तरह से नजरअंदाज एवं नकार रहें हैं...!!*
विगत वर्षों में अधिकतम घरों की आर्थिक स्थिति क्यो बिगड़ी है...??*
उसके प्रमुख कारण:*
1-घर मे प्रत्येक सदस्य के पास स्मार्ट फोन होना...इसके अलावा प्रत्येक वर्ष नया लाना...!!*
2-जन्म दिन विवाह की वर्ष गांठ एवम अन्य वार...त्योहारों वगैरह में अंधाधुंध दिखावटी खर्चे...!!*
3-जीवन शैली में बदलाव के कारण खर्चे का दोगुना तिगुना बढ जाना...!!*
4-बच्चों को सरकारी स्कूलो मे न पढाकर महंगे से महंगे प्राइवेट स्कूलो मे पढाना...ऊपर से ट्यूशन कराना...उस पर होने वाला भारी शिक्षण खर्च...जबकि प्राइवेट स्कूलो मे पढाने के बाद टयुशन की क्या जरूरत....??*
5- व्यक्तिगत अन्धाधुन्ध खर्चे...buty parler, सैलून, ब्रांडेड कपड़ा...पार्टी...खर्चीले जन्मदिन...गेट टूगेदर...आदि आदि...!!*
6- हर सदस्य के लिये अलग अलग टुव्हीलर...फोरव्हीलर गाड़ी आदि के कारण...!!*
7-सगाई...शादी जैसै कार्यक्रम बड़े बड़े महंगे से महंगे रिसोर्ट...आदि में होना एवम गांव से बाहर बड़े बड़े शहरों मे करना...यह सब प्रतिष्ठा की भूख के कारण होने वाले खर्चे...!!*
उसमे भी Celebraties को टिकट बनाकर किराये पर लाना एवम उनकी आवभगत करना...!!*
8- घर मकान दुकान गाड़ी मोटर लोन पर दिया जाने वाला ब्याज एवम मूल धन का खर्च...!!*
9- मेडिकल खर्चोमे बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी...कारण गलत खान पान...!!*
पहले एक ही डाक्टर सब कुछ देख लेता था...लेकिन अब हर बीमारी का अलग से स्पेशलिस्ट...!!*
इस तरह के बिना जरूरत के खर्चो के अनुरूप कमाई बढ़ नही रही है। और खर्चे देखा देखी बढा रहे है...!!*
परिणाम: तनाव तनाव तनाव...!!*
बिना जरूरत के खर्चे कम से कम करे...!!*
जरूरत रोटी, कपड़ा,और मकान की थी...है...और रहेंगी...!!*
परंतु*
रोटी शरीर चलाने के लिये नही दिखाने के लिये खा रहे है...!!*
कपड़े अंग ढकने के लिये नही...लोगों को दिखाने के लिये पहन रहे है और...!!*
मकान रहने के लिये नही...लोगों को दिखाने के लिये बना रहे है और कर्ज दार बन रहे है...!!*
*इच्छाएं अनन्त हैं..


Today everybody recalls the meltdown recession ... and poverty poverty is crying poverty ... while the recession has not been observed anywhere .... !! *
The real thing is anyone else ... no one is exposing whom ... all are counting it as status symbols ... and completely ignoring reality and rejecting ... !! *
In the past years, the economic situation of the maximum houses is deteriorating ... ?? *
Its main reason: *
1-Every member in the house has a smart phone ... besides bringing new ones every year ... !! *
2-day birth anniversary of marriage and other war ... indiscriminate expenditure in festivals, etc .. !! *
3-Due to change in lifestyle, double the cost of tripling of expenses ... !! *
4- Studying in expensive private schools by not reading the children in government schools, doing higher tuition ... spending on heavy teaching expenses ... while studying in private schools, what is the need for tuition? . ?? *
5- Personal blind expenses ... buty parler, salon, branded cloth ... party ... expensive birthday ... gate toguard ... etc etc ... !! *
6- Separate towels for every member ... due to the forewheels train ... !! *
7-Engagement ... Marriage such programs from big expensive to expensive resorts ... etc. and to do big cities outside the village ... all the expenses due to reputation hunger ... !! *
In addition to making the tickets for the celebrations, renting and hiring them ... !! *
8- HOUSEHOLD SHOP DESCRIPTION OF INTEREST AND MONEY MONEY ON THE MOTOR LONE ... !! *
9- Medical expenditure too much ... due to wrong eating habits ... !! *
Earlier, the same doctor used to see everything ... but now every specialty specialist of every disease ... !! *
Earnings are not growing according to the costs of this kind without need. More expenses are seen seeing ... !! *
Result: Stress Stress Stress ... !! *
Minimize the expenses without need ... !! *
Needed bread, cloth, and house was ... ... and will stay ... !! *
but*
The bread is not eating to show the body ... !!
Cloth is not to cover the limbs ... people are wearing to show and ... !! *
No house to live ... people are making it to show and debt is becoming ... !! *
* Desires are eternal ..

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