A Poem written by husband in the recession, To his wife

A Poem written by husband in the recession, To his wife ...




मंदी में पति की लिखी एक कविता अपनी पत्नी को...

प्रिय क्यूँ तुम नए-नए
सूट सिलाती हो !

पुरानी साडी में भी तुम
अप्सरा सी नजर आती हो !!!

इन ब्यूटी पार्लरों के
चक्करों में ना पडा करो !

अपने चांद से चेहरे को
क्रीम पाउडर से यूँ ना ढका करो !!

रेस्टोरेंट होटल के खाने में क्या रखा है !

तुम्हारे हाथों से बना घर का खाना, 

इनसे लाख गुना अच्छा है !!!

इन सैर सपाटों में वो बात कहाँ !

तुम्हारे मायके जैसा
ऐशो-आराम कहाँ !!!

नौकरों से खिटपिट में,
मत सेहत तुम अपनी खराब करो !

झाडू-पौछा लगा
हल्का सा व्यायाम करो !!!

सोने-चांदी में मिलती
अब सो सो खोट है !

तुम्हारी सुन्दरता ही 

24 कैरेट प्योर गोल्ड है !!!

माया-माया मत किया कर पगली,
यह तो महा ठगिनी है !

मेरे इस घर-आंगन की तो, 

तू ही असली धन लक्ष्मी है !!


        😀 हैप्पी मंदी 😀

Dear 

why you new
Shake the suit!

In the old sari also you

Nymphs look like !!!

These beauty parlors

Do not fall into the dizziness!

To your face with the moon

Cover the cream powder with nothing!

What is kept at the restaurant restaurant restaurant!


Home made with your hands,

It's a million times better !!!

Where these things are in these picnic spots!


Like your mate

Ashho-Rest Where !!!

In the buttocks from the servants,

Do not spoil your health!

Broom-puffed up

Exercise a little bit !!!

Gold and silver

Now sleep is sleepy!

Your beauty

24 carat pure gold !!!

Maya-Maya did not do it,

This is a great stain!

So of my home-courtyard,

You are the real wealth Lakshmi !!

        😀 Happy Recession 😀


मंदी में पति की लिखी एक कविता अपनी पत्नी को...

प्रिय क्यूँ तुम नए-नए
सूट सिलाती हो !

पुरानी साडी में भी तुम
अप्सरा सी नजर आती हो !!!

इन ब्यूटी पार्लरों के
चक्करों में ना पडा करो !

अपने चांद से चेहरे को
क्रीम पाउडर से यूँ ना ढका करो !!

रेस्टोरेंट होटल के खाने में क्या रखा है !

तुम्हारे हाथों से बना घर का खाना, 
इनसे लाख गुना अच्छा है !!!

इन सैर सपाटों में वो बात कहाँ !

तुम्हारे मायके जैसा
ऐशो-आराम कहाँ !!!

नौकरों से खिटपिट में,
मत सेहत तुम अपनी खराब करो !

झाडू-पौछा लगा
हल्का सा व्यायाम करो !!!

सोने-चांदी में मिलती
अब सो सो खोट है !

तुम्हारी सुन्दरता ही 
24 कैरेट प्योर गोल्ड है !!!

माया-माया मत किया कर पगली,
यह तो महा ठगिनी है !

मेरे इस घर-आंगन की तो, 
तू ही असली धन लक्ष्मी है !!

        😀 हैप्पी मंदी 😀







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