Be Ready for 2019 2019 के लिए तैयार रहें। बहुत जल्द जनता को दाने फेके जाएंगे।


http://facebook-whatsapp-jokes.blogspot.ca/2017/09/be-ready-for-2019-2019.html

Jozef Estalin once brought a Cock in the Parliament 

And in front of everyone, one of his feathers started snaching 

The Cock roared about the pain but,

One by one, Istalin sprayed all the feathers,

Then threw the poultry on the floor,

Then throwing some grains out of the pocket and throwing it towards the poultry and started walking,

So the Cock started eating behind the grain, 

 Estalin was thrown equal to the grain and the cock continued to follow in front of the food.

After all, that cock stood in the legs of Estalina.

Look at the Eastlin speaker and Talk about a Date,

The Poor People of democracies are like this Chicken,

First of all, their Leaders Looted them by spoiling everything,

And later they give them a little dose and become their God Father 

This is Our  Position at present ....

Be Ready for 2019. 

Very soon the Food Grains will be thrown to the public of india.




जोज़फ इस्टालिन एक बार अपने साथ संसद में एक मुर्गा लेकर आये,

और सबके सामने उसका एक-एक पंख नोचने लगे,

 मुर्गा दर्द से बिलबिलाता रहा मगर, 

http://facebook-whatsapp-jokes.blogspot.ca/2017/09/be-ready-for-2019-2019.html

एक-एक करके इस्टालिन ने सारे पंख नोच दिये,

 फिर मुर्गे को फर्श पर फेंक दिया, 

फिर जेब से कुछ दाने निकालकर मुर्गे की तरफ फेंक दिए और चलने लगा, 

तो मुर्गा दाना खाता हुआ इस्टालिन के पीछे चलने लगा,

 इस्टालिन बराबर दाना फेंकता गया और मुर्गा बराबर दाना मु्ँह में ड़ालता हुआ उसके पीछे चलता रहा। 

आखिरकार वो मुर्गा इस्टालिन के पैरों में आ खड़ा हुआ। 

इस्टालिन स्पीकर की तरफ देखा और एक तारीख़ी जुमला बोला, 

"लोकतांत्रिक देशों की जनता इस मुर्गे की तरह होती है, 

उनके हुकमरान जनता का पहले सब कुछ लूट कर उन्हें अपाहिज कर देते हैं, 

और बाद में उन्हें थोड़ी सी खुराक देकर उनका मसीहा बन जाते हैं"। 

This is our position at present....


2019 के लिए तैयार रहें। बहुत जल्द जनता को दाने फेके जाएंगे।

http://facebook-whatsapp-jokes.blogspot.ca/2017/09/be-ready-for-2019-2019.html

Comments